Uncategorized

वंचित 50 जोड़ो के लिए आयोजित किया गया सामूहिक विवाह

नई दिल्ली – 50 दुल्हनों ने अपनी शादी की रस्मो को कुतुब इंडस्ट्रियल एरिया में पूरा किया।

यह सामूहिक विवाह का कार्यक्रम गिल्ड फॉर सर्विस संस्धा द्वारा आयोजित किया गया। गिल्ड फॉर सर्विस संस्धा महिलाओ के जीवन को उजागर करने की ओर अग्रसर हैं ।

इस विवाह को कामयाब करने के पीछे बहुत से लोगो का हाथ हैं और इसलिए टीम उन नोजवानो का धन्यवाद अदा करती हैं जिन्होंने इस विवाह में वालंटियर किया। कार्तिकेय गोयल – जो कि दसवीं कक्षा कि डी पी एस वसंत कुंज का उत्साही और गतिशील छात्र हैं , उसने इस सामाजिक सर्विस में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

इस छोटे से छात्र को मानवता का सार विरासत में मिला हैं । डॉ मोहिनी गिरी , फाउंडर ऑफ गिल्ड फॉर सर्विस ने कहा बहुत अच्छा लगता हैं जब युवा या किशोर सार्वजानिक परिवर्तन के लिए खड़े होते हैं ।

इस सामूहिक विवाह में न केवल मानवता देखी गई बल्कि सेकुलरिज्म और यूनिटी इन डाइवर्सिटी भी देखने को मिली। जहा एक ओर हिन्दू रस्मो के साथ शादी की गई वही दूसरी ओर इस्लाम धर्म के अनुसार से की जाने वाली शादी के भी सारे प्रबनध थे। 50 में से 8 महिलाओ का पुनर्विवाह किया गया और 1 जोड़ा उनमे से डिफरेंटली एबल्ड था ।

जोड़ो को शादी की पोषक तथा अपने नए जीवन का आरम्भ करने के लिए आवश्यक घरेलु सामान भी दिए गए। परिवार नियोजन परिषद ने परिवार नियोजन और गरेलु हिंसा से बचने के तरीके बताये। नवविवाहित लोगो को शादी करने के वास्तविक अर्थ के बारे में भी बताया गया। और यह भी बताया गया जब दोनों पति पत्नी काम करते हो तो उन दोनों के बीच समझ का बंधन होना आवश्यक हैं ताकि वह घर और बाहर का सारा काम मिल बाँटकर कर सके।

भारतीय शादियों में सजाने वाले घोड़े, पीतल और विशाल ताम्बो के बैंड के लिए प्रसिद्ध हैं जो कि हजारो मेहमानो के मनोरंजन के लिए किया जाता हैं फिर चाहे उसके लिए अपनी जेब से ज्यादा ही खर्चा क्यों न करना पड़े। जब कभी एक लड़की का जन्म होता हैं तो उसके माता पिता उसके जन्म से ही उसकी बिदाई के बारे में चिंतित होने लगते हैं और यह चिंता तब और बढ़ जाती हैं जब उसके माता पिता कम सामाजिक आर्थिक पृष्टभूमि से हो। गिल्ड फॉर सर्विस द्वारा प्रदान की गई सर्विसिस ने इस सामाजिक कलंक को खारिज कर दिया हैंै। यह सामूहिक विवाह मानवता के लिए एक सशक्तिकरण हैं और इसने रूढ़िवादी सोच के खिलाफ आवाज भी उठायी हैं ।

दहेज के अलावा हमारे समाज में अंतर जाती और विदवाओ के पुनर्विवाह के मुद्दा भी सामने आए हैं । कन्या भ्रूण हत्या की वारदात अब हमारे समाज में कम हुई हैं परन्तु इसे समाज से पूरी तरह से खत्म करना हैंै। यह मेसेज समाज में रहने वाली महिलाओ का मेहतव सोसाइटी में और सोसाइटी के लिए दर्शाता है। कार्तिक्ये ने श्री रोनाल्ड रीगन का हवाला देते हुए कहा – इस महान कारण के लिए अपनी आवाज उठाये क्योंकि हम हर किसी की मदद नहीं कर सकते लेकिन हर कोई किसी की मदद कर सकता हैं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *